गुरुवार, 9 अगस्त 2012

ऐ प्राकृतिक दृश्यपर एकटा गजल, शेर, रुबाइ, कता, हाइकू/ टंका/ शेनर्यू/ हैबून लिखू ।(चित्र :सौजन्य J.M.Garg,This file is licensed under the Creative Commons Attribution 3.0 Unported license.)

    • Gajendra Thakur ई अछि मुनियाँ चिड़ै।
    • Sunil Kumar Jha चुनमुन छी
      उड़ब डाल पर
      फरफरा क
    • मिहिर झा हमहु रहितहु चिडैय चुनमुन
      उड़ी पबितहु आकाश
      नहि केकरो आश्रित हम रहितहु
      नहि केकरो ले आस
      नील गगन हो या होई झांखूर
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    • Aparna Thakur Mishra ettek neek aro kono drishya nai...
    • डॉ॰ शशिधर कुमर ‎.

      हम चुनमुन्नी चिड़ै कहाबी ।

      कुदकी फुदकी चह चह गाबी ।।.
    • Binita Jha BAHUT NEEK MIHIRJI
    • Nitesh Jha बहुत नीक मिहिर जी.
    • Bhavesh Jha Bahut nik Mihir bhai G....................>
    • Sunil Kumar Jha खजन चीडैया डाल पर
      हरियर पियर लाल पर
      उडैत रहता साँझ बिहान
      बन, बाध आ ताल पर
    • Bhavesh Jha उडैत रहता साँझ बिहान
      बन Bahut nik ............................>
    • Brikhesh Chandra Lal गीत

      हँ रे सुगबा (५)
      कने हमरो घुमा (७)
      रे गगनमा । (५)
      हँ रे सुगबा (५)
      उड़िउड़ि भोरक (७)
      रे किरणमा ।। (५)
      १
      खूब स्वच्छन्द (५)
      उड़ान लगबितौँ (७)
      पीसौं सिनेह (५)
      परान मिलबितौँ (७)
      हिया जुड़बितौँ (७)

      हँ रे सुगबा (५)
      कने हमरो झुमा (७)
      रे लगनमा । (५)

      २
      छोड़ि पी मोर (५)
      ई लोक घुमोलनि (७)
      अंग–अंगमे (५)
      ई आगि लगोलनि (७)
      बहुत सतोलनि (७)

      हँ रे सुगबा (५)
      कने हमरो चुमा (७)
      रे चरणमा । (५)

      ३
      लगा धिआन (५)
      हम नामेँ जपितौँ (७)
      फेरो जीयाकेँ (५)
      हुनके चढबितौँ (७)
      खूब तपबितौँ (७)

      सुन सुगबा (५)
      कने हमरो गुना (७)
      गुण–ज्ञनमा । (५)
    • Ramesh Ranjan BAL GIT PAR EKTA POTHI LABIAU . PRATIKCHA ACHI HAMRA SAB KE.
    • Akshay Kumar Choudhary बबुर काँट
      बचिहे गे मुनियाँ
      छाति चिरेतौ
    • Chandramani Jha Jaeh bhaaw komal kislay bich saeh bhaaw kantakit daarhi par.Devtulya ee son chiraiya achhi tatasth kaantak duari par.Sukh-dukh me sambhaav rakhi jaun karee bharosha eeshwar par,Ahinaa chun-chun-gun gun kareit bha jaet sahaj jeevan ke safar.


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