गुरुवार, 31 जनवरी 2013

हाइकू

हाइकू

खूनक नदी
माँटिपर बहेलौँ
भेलौँ आजाद

नालीक कीड़ा
लोभी कामी लोकमे
कोनो फर्क नै

शान तिरंगा
झुकै नै जहिं तहिं
रबर जाकाँ

पहाड़ सन
उच्चविचारक छै
भारतवासी

कटैत घेंट
धानक जड़ि जकाँ
देशप्रेमीक

हाइकू

हाइकू

भोरका रौद
नवका उर्जा आनै
जोश जगबै

मंगल लेल
मनुख जल ढ़ारै
तुलसीचौरा

कारी कम्बल
आकाशकेँ झाँपने
नाचल मोर

कुचरै काग
लागै घरमे एतै
शुभ सनेस

माँक करेजा
मोमक गढ़लनि
ओतै देवता

साँपक माला
मुदा शांत मोन छै
महादेवकेँ

अमित मिश्र

शेर्न्यू

शेर्न्यू

1.फँसल सब
एहि जगमे आबि
मायाजालमे

2.रौद-छाहरि
होइते रहै छैक
जीवन भरि

3.उठह कवि
विद्रोहक आगिसँ
कागत रंगऽ

4.जड़ै नै सीता
ककरो आँगनमे
टाकाक लेल

हाइकू/शेर्न्यू

हाइकू/शेर्न्यू

1.के देखलक
अमर आत्मा आर
हवाक रंग

2.समाज बीच
गेन्हाएल रिश्ता आ
एहने हवा

3.शीत पवन
लेने आ तूँ समाद
मोर पियाकेँ

4.घूस खेलासँ
ककरो नै होइ छै
वायु-विकार

5.हवण लेल
जड़ै खूब अन्न तँ
भूखलकेँ की

6.गामक गंध
पहुँचाबै पवन
परदेशीकेँ

7.मधुमासमे
खेलै सुग्गा आ मैना
मज्जर बीच

8.चाउर दालि
थारीसँ भेल दूर
बढ़िते दाम

9.करत के की
जँ माँझ माँथ पड़ै
दैवक डाँग

10.पाकल आम
थकुचल बूढ़मे
कोन अंतर

11.खुशी मनाबै
आजुक पुरजन
देखिते हारि

12.अपंगपर
हँसै बला नै देखै
निज टेटर

अमित मिश्र

हाइकू

हाइकू

1. बाजल मुर्गा
भ्रष्टाचारक बोल
आजुक भोर

2.महगाइसँ
भेल पानि निपत्ता
पैघ शहर

3.गिरगिटसँ
सिखने छैक नेता
रंग छोड़ब

5.झरना बनि
खसैत ताजा नोर
विरहिनकेँ

6.बापक टाका
डिस्कोएमे खतम
पाण्डाक जकाँ

7.नव कनियाँ
लाजाए छथि बेसी
लजबिज्जीसँ

8.बहै छै घाम
किसानक देहसँ
खेतीक बेर

9.कादो खेतमे
निहुरल छै जोन
धान रोपै छै

10.बाँट बखरा
घर घर होइ छै
प्रेम कतऽ छै

11.बाबाक संगे
गाछी-बिरछी बाध
घूमत बौआ

12.जागऽ मैथिल
जागल दिनकर
पूब अकाश

अमित मिश्र

हाइकू



1.फूलक नशा
तड़पाबै सदति
भौंरा सबकेँ

2.पीबि पराग
हर्षित भऽ मधुप
दै मीठ मधु

3.दाँतक बाड़ी
रौदक संगममेँ
वर्फक खेत

4.होलीक रंग
पनिसोखा सन छै
गाल सजल

5.द्वेषक गर्मी
जेठक रौद सन
मोन पैसल

6.प्रेमक आशा
सत्त ,मज्जर जकाँ
छै कतौ कतौ

7.पेटक मूसा
राहु-केतू बनल
कूदि रहल

8.मैथिल रीत
कस्तुरी ईत्र जकाँ
छै गमगम

9.नव कनियाँ
सासुरमे आबिते
छै लाजबन्ती

10.बूढ़क देह
बिनु पँखिक मैना
ठामे खसल

11.पवनपुत्र
राम लेल उड़ल
पवन बनि

12.तृप्प केलक
कण कणकेँ देखू
पहिल अंशु

13.छोटका बौआ
नै नहाइ एखन
जाड़क डरे

अमित मिश्र