गुरुवार, 9 अगस्त 2012

मैथिली हाइकू (विकीपीडिया आ आन स्रोतसँ देल चित्रपर लिखल हाइकू)

सीता सोहागो: चित्र साभार उमेश मण्डल

रविवार, 22 जुलाई 2012

हाइकू



शीतल वायु , ल' एलै हरियाली , सावन भादो

भेल अन्हार ,आकाश करै हल्ला , इजोत संग

प्रसन्न इंद्र , दै छथि आइ पानि , बोझक बोझ

भरल खेत , हरियर कजली , सगरो कादो

भरि आँगन , छै सहसह चाली , जाएब कत'

दौड़ल छौड़ा , नैका पोकरि दिश , मारत माँछ

गरम चाह , छै सवहक प्रिय , एहि वर्षा मे

अमित मिश्र

हाइकू

हाइकू

आब की हेतै , उफानपर कोसी , टूटलै बान्ह

बाढिक पानि , खेतमे पसरल , डूबल धान

खसल कोठा , कते जन रहत , ऊँच मचान

केराक थम्ह , राख बालुक बोरा , रोक कटान

भासल लाश , माल-जाल लोकक ,फँसल प्राण

बरसै वर्षा ,खसि गेल ठनका , अदृश्य चान

टूटल आरि , धसि गेल धसना , पानिक गान

काँपैत रोआँ ,उजड़ल दुनियाँ , उड़ल प्राण

अमित मिश्र

शुक्रवार, 13 जुलाई 2012

हाइकू




सावन मास , लागल कारी मेघ , बाजल बेँग

झूकल डाँर , रोपै धानक बीया , जोन-मजूर

अचार रोटी , भेल पनिपियाइ , भरल मोन

भरल पेट , छै ठोर त'र खैनी , उसरै काज

सिहकै हवा , हरियाएल बाध , झूमैत खेत

सामा-चकेबा , खेलै सब बहिना , धानक बालि

तीला संक्राति , तीलबा गुड़लाई , नवका चूरा

अमित मिश्र

हाइकू




शांत पवन , भेल कारी आकाश , फाटतै मेघ

सून सड़क , घर दिश दौड़ल , थाकल लोक

मोटका बूँद , सड़कपर ढेह , भासल माटि

तारक गाछ . खसि गेल ठनका , जड़ल पात

एलै बिहाड़ि , टूटलै डाढ़ि-पात , फूटलै अण्डा

अमित मिश्र

हाइकू




पढ़ल लोक , जेठ दुपहरिया , घास छीलैए

मेघक बिनु , सावन मे देहसँ , घाम चूबैए

पानिक बिनु , छै फाटि गेल खेत , सक्कत माटि

अमित मिश्र

हाइकू




जंगल बीच , गरजैत झड़ना , निकलै गंगा

शोभै पहाड़ , सगरो हरियरी , गाछक अंगा

फूलक गंध , पराग पीबि भौँरा , मचेने दंगा

अमित मिश्र